हार से डरकर जो रुक जाए, वो मंज़िल का राही नहीं है
मेहनत करने वालों के आगे कोई सख़्त साही नहीं है।
ठोकरें राह में मिलती हैं तो मिलने दो खुलकर
संघर्ष से बढ़कर यहाँ कोई सच्ची गवाही नहीं है।
गिर के उठना ही सिखाता है सफ़र का हुनर
हिम्मत वालों के लिए राह कभी भी तबाही नहीं है।
सपनों को थामे चलो धूप में भी मुस्काकर
मेहनत की दुनिया में किस्मत की बादशाही नहीं है।
जो पसीने से लिखें अपने मुकद्दर की कहानी
उनके आगे कोई किस्मत की स्याही नहीं है।
हौसले जिनके बुलंद हों वो झुकते ही कहाँ
आसमान दूर सही पर बिल्कुल पराई नहीं है।
डॉ. चन्द्रपाल राजभर