Friday, March 20, 2026

किताब गज़ल अभिलाषा मोटिवेशनल

अभिलाषा की लौ दिल में जलाए रखना
अंधेरों में भी खुद को जगमगाए रखना।

राहें भले ही कांटों से भरी क्यों न हों
कदम हौसलों से बढ़ाए रखना।

हर हार सिखाती है जीत का रास्ता
ये सोच कर खुद को समझाए रखना।

मंज़िल खुद ही झुक जाएगी एक दिन
बस सपनों की सच्चाई बनाए रखना।

गिरकर संभलना ही असली पहचान है
अभिलाषा को अपनी ताकत बनाए रखना।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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चित्रकार 
रंगों में वो ख्वाब सजाता है
सूनी दुनिया को जन्नत बनाता है।
जो देख न पाए जो गहरी नज़र
चित्रकार वो मंज़र भी दिखाता है।

कभी दर्द को कैनवास पर उतारता है
कभी खुशियों का रंग बिखेरता है।
हार कर भी जो रुकता नहीं सफर में
वही असली कलाकार कहलाता है।

तूलिका उसकी हिम्मत की पहचान है
हर स्ट्रोक में छिपा उसका अरमान है।
जो दुनिया बदल दे अपनी कला से
वो चित्रकार , महान कहलाता है। 
डॉ.चन्द्रपाल राजभर
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Saturday, March 14, 2026

किताब अभिलाषा मोटिवेशनल गज़ल

हार से डरकर जो रुक जाए, वो मंज़िल का राही नहीं है
मेहनत करने वालों के आगे कोई सख़्त साही नहीं है।

ठोकरें राह में मिलती हैं तो मिलने दो खुलकर
संघर्ष से बढ़कर यहाँ कोई सच्ची गवाही नहीं है।

गिर के उठना ही सिखाता है सफ़र का हुनर
हिम्मत वालों के लिए राह कभी भी तबाही नहीं है।

सपनों को थामे चलो धूप में भी मुस्काकर
मेहनत की दुनिया में किस्मत की बादशाही नहीं है।

जो पसीने से लिखें अपने मुकद्दर की कहानी
उनके आगे कोई किस्मत की स्याही नहीं है।

हौसले जिनके बुलंद हों वो झुकते ही कहाँ
आसमान दूर सही पर बिल्कुल पराई नहीं है।
डॉ. चन्द्रपाल राजभर