चलो कि फिर से नया आसमान लिखते हैं
गिरकर भी उठने का अरमान लिखते हैं।
जो छीन ले गई थी राहों की रोशनी
उस रात के खिलाफ़ सुबह का बयान लिखते हैं।
जलते रहे हैं लोग हमारी उड़ानों से
हम फिर भी हौसलों की पहचान लिखते हैं।
ठोकर ने सिखाया है संभलकर चलना
अब हर कदम पर अपना सम्मान लिखते हैं।
दुनिया अगर सवाल उठाए वजूद पर
हम कर्म से अपना ही प्रमाण लिखते हैं।
डॉ चन्द्रपाल राजभर
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२
हमने आँधियों से दोस्ती निभाई है
तभी तो हर शिखर पर जगह बनाई है।
जो पत्थर फेंकते थे राह रोकने को
उन्हीं से हमने अपनी सीढ़ी सजाई है।
कभी गिरकर भी मुस्कुराना पड़ा हमें
तभी तो ज़िंदगी ने कद बढ़ाई है।
जलन की आग में जो जल रहे हैं लोग
उन्हें क्या खबर हमने रोशनी कमाई है।
समय ने जब भी परखे हमारे इरादे,
हमने हर बार अपनी सच्चाई दिखाई है।
डॉ चन्द्रपाल राजभर आर्टिस्ट
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3
हार की धूप में भी उम्मीद का साया रख
गिरकर भी उठने का खुद में हौसला रख।
दुनिया तेरी राहों में कांटे जरूर बिछाएगी
तू अपने कदमों में मंज़िल का भरोसा रख।।
वक्त तुझे परखेगा हर मोड़ पर चुपके-चुपके
तू अपने इरादों को आग सा जलाये रख।
जो आज तुझे ठुकराकर आगे निकल जाते हैं।
तू कल के लिए अपने अंदर एक सूरज जलाये रख।
डॉ चन्द्रपाल राजभर
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4
चलते रहो तो रास्ते खुद बनते चले जाते हैं
ठहरे हुए कदम अक्सर धूल में दब जाते हैं।
हौसलों की आग अगर दिल में जला लो तुम
अंधेरे भी तुम्हारे आगे सिर झुकाते हैं।।
किस्मत भी उसी के दर पर दस्तक देती है
जो मेहनत को अपना खुदा बनाते हैं।
जो हार से सीखकर फिर खड़े हो जाते हैं
वही लोग इतिहास नया लिख जाते हैं।।
टूटे हुए सपनों से घबराना मत कभी
यही सपने एक दिन ताज बन जाते हैं।
जो खुद पर भरोसा करना सीख लेते हैं
वही लोग दुनिया में पहचान बनाते हैं।
डॉ चन्द्रपाल राजभर
(आर्टिस्ट)
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5
मंज़िल उन्हीं को मिलती है जो ठान लेते हैं
तूफ़ानों से लड़कर भी मुस्कान लेते हैं।
जिनके इरादों में जान होती है सच्ची
वो पत्थरों से भी रास्ते निकाल लेते हैं।
अंधेरों की औकात नहीं सूरज को रोक सके
जो खुद जलते हैं वही उजाला कर लेते हैं।
किस्मत तो एक बहाना है कमजोर लोगों का
मेहनती अपने हाथों से तक़दीर बदल लेते हैं।
रुकना नहीं चाहे रास्ता कितना भी कठिन हो
हौसले हर मुश्किल को आसान कर लेते हैं।
जो खुद पर विश्वास रखना सीख जाते हैं
वही लोग दुनिया में अपना नाम कर जाते हैं।
डॉ चन्द्रपाल राजभर (आर्टिस्ट)
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6
गिरने से मत डर, गिरकर ही इंसान संभलता है
हर ठोकर के बाद ही रास्ता नया निकलता है।
जो दर्द को अपनी ताकत बना लेते हैं
वही हर मुश्किल के आगे चट्टान सा ढ़लता है।
रात जितनी गहरी हो, सुबह उतनी उजली होती है
संघर्ष की आग ही सफलता की असली ज्योति होती है।
जो हार मानकर बैठ जाते हैं राहों में
उनकी कहानी अधूरी थी और अधूरी ही रह जाती है।
तू खुद पर भरोसा रख, ये वक्त भी बदल जाएगा
तेरा आज का पसीना कल ताज बन जाएगा।
जो मेहनत से अपना मुकद्दर लिखते हैंअपना
उनके नाम से ही इतिहास बन जायेगा है।
डॉ चन्द्रपाल राजभर
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7
जब हौसलों की लौ दिल में जलती रहती है
तब किस्मत भी कदमों से चलती रहती है।
जब ठान लेते हैं लोग कुछ कर गुजरने की
तो उनकी पहचान दुनिया में बनती रहती है।
मुश्किलें रोकने की लाख कोशिश करती हैं
पर मेहनत हर दीवार को तोड़ती रहती है।
जो गिरकर भी फिर खड़े होने का हुनर जानते हैं
उनकी जीत समय भी लिखती रहती है।
ये मत देख कि आज तेरे पास क्या नहीं है
ये देख कि तेरे अंदर हारने की आदत नहीं है।
जो खुद को हर दिन बेहतर बनाते रहते हैं
वही लोग इतिहास में अमर कहलाते हैं।
डॉ चन्द्रपाल राजभर
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8
तू खुद की तलाश में एक सफर बन जा
भीड़ में नहीं, अपनी अलग एक डगर बन जा।
जो झुक जाए मुश्किलों के आगे वो इंसान क्या
तू हौसलों की मिसाल बनकर असर बन जा।
वक्त की ठोकरें तुझे कमजोर नहीं करेंगी
यही ठोकरें तुझे एक दिन बेहतर बनायेंगी।
जो दर्द को भी मुस्कुराकर सह लेते हैं,
उनकी पहचान ही उनकी ताकत बन जायेगी।
मत रुक, अभी तेरे अंदर आग बाकी है
तेरी उड़ान के लिए खुला आसमान बाकी है।
आज भले ही कोई तेरा नाम न जानता हो
कल तेरे नाम का ही इतिहास बाकी है।
डॉ चन्द्रपाल राजभर
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9
खुद की नजरों में खुद को गिरने मत देना,
हालात चाहे जैसे हों, खुद को टूटने मत देना।
जो आज तुझे कमज़ोर समझकर हंसते हैं,
वो कल टूट जायेंगे मगर तुम अपने हौसलों को टूटने मत देना।
मेहनत की हर बूंद एक कहानी लिखती है
खामोशी भी एक दिन रवानी लिखती है।
जो अपने सपनों को सच मानकर जीते हैं
उनकी तक़दीर खुद उनकी निशानी लिखती है।
डॉ चन्द्रपाल राजभर
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10
राह में कांटे मिले तो मुस्कुराकर चल दिया
मैंने अपने हौसलों से हर अंधेरा बदल दिया।
लोग कहते थे कि किस्मत साथ देती
मैंने मेहनत से ही किस्मत को बदल दिया।
ठोकरों ने ही सिखाया है जिंदगी संभलना
हार ने ही जीत का मतलब समझा दिया।
अब किसी तूफान से डरता नहीं हूं मैं
मेरा विश्वास ने मुझे आसमान बना दिया।
डॉ चन्द्रपाल राजभर