Friday, February 13, 2026

गजल मोटिवेशनल किताब

वक्त की ठोकरों से जो सँभलना सीख जाते हैं
वही लोग इतिहास में उजाला लिख जाते हैं।

राहें अगर कठिन हों तो मुस्कुराकर चलिए
पत्थरों के शहर में भी फूल खिल जाते हैं।

हार को मत मानिए किस्मत का आख़िरी फ़ैसला
जिनके इरादे मजबूत हों वो फिर बदल जाते हैं।
अँधेरों से घबराकर दीप नहीं बुझाया करते
साहस के दिए ही तूफ़ानों में जल जाते हैं।

वक्त भी झुक जाता है मेहनत के आगे एक दिन
जो खुद पर विश्वास रखें वो ही आगे बढ़ जाते हैं।
डॉ चन्द्रपाल राजभर 

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