Wednesday, November 30, 2022

फिल्मी गाने

Hindi :

यह दिल यह पागल दिल मेरा
हर पल तुझे आवाज़ दे

यह दिल यह पागल दिल मेरा
हर पल तुझे आवाज़ दे

आजा की अब तो आके सनम
खामोशियों को अल्फाज़ दे
आजा की अब तो आके सनम
खामोशियों को अल्फाज़ दे

यह दिल यह पागल दिल मेरा
हर पल तुझे आवाज़ दे
यह दिल यह पागल दिल मेरा
हर पल तुझे आवाज़ दे

आजा की अब तो आके सनम
खामोशियों को अल्फाज़ दे
आजा की अब तो आके सनम
खामोशियों को अल्फाज़ दे

यह दिल यह पागल दिल मेरा
हर पल तुझे आवाज़ दे
यह दिल यह पागल दिल मेरा
हर पल तुझे आवाज़ दे

चेहरा हसीं तेरा
ख्वाबों में मुस्कुराये
चेहरा हसीं तेरा
ख्वाबों में मुस्कुराये

तन्हाइयों में अक्सर

तेरा ख्याल आये
तेरा ख्याल आये

यह दिल यह पागल दिल मेराझ
हर पल तुझे आवाज़ दे
यह दिल यह पागल दिल मेरा
हर पल तुझे आवाज़ दे

वीरान ज़िन्दगी में
आये बहार बनके
वीरान ज़िन्दगी में
आये बहार बनके
रहना पड़ा मेरी नज़र में
बस प्यार प्यार बांके
बस प्यार प्यार बांके

यह दिल यह पागल दिल मेरा
हर पल तुझे आवाज़ दे
यह दिल यह पागल दिल मेरा
हर पल तुझे आवाज़ दे
आजा की अब तो आके सनम
खामोशियों को अल्फाज़ दे

आजा की अब तो आके सनम
खामोशियों को अल्फाज़ दे

यह दिल यह पागल दिल मेरा
हर पल तुझे आवाज़ दे
यह दिल यह पागल दिल मेरा
हर पल तुझे आवाज़ दे
यह दिल यह पागल दिल मेरा
हर पल तुझे आवाज़ दे.

Thursday, September 22, 2022

गौरव


'उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान' नामांकन हेतु निर्धारित प्रारूप

नाम -चंद्रपाल राजभर 
पिता/पति का नाम-: राम अनुज राजभर 
जन्म स्थल-: ग्राम सजमपुर जनपद सुल्तानपुर
जन्मतिथि -:06/07/1990 
राष्ट्रीयता-:भारतीय 
पता 
स्थाई पता -:ग्राम-सजमपुर पोस्ट-हरपुर थाना-अखण्डनगर तहसील- कादीपुर जनपद- सुलतानपुर उत्तर प्रदेश पिन कोड-22 8172
वर्तमान पता-: प्राथमिक विद्यालय रानीपुर कायस्थ कादीपुर जनपद-सुलतानपुर उत्तर प्रदेश पिन कोड- 228145 
ई-मेल-:chandrapal6790@gmail.com
मोबाइल नम्बर-:9721764379,7984612205
शिक्षा-: एम.ए.(चित्रकला)बीटीसी,
व्यवसाय (यदि सरकारी सेवा में है तो पद नाम सहित उल्लेख करें )-: सहायक अध्यापक 
बेसिक शिक्षा विभाग 
कार्यक्षेत्र /विधा-: कला 
पूर्व में प्राप्त सम्मान/पुरस्कार का विवरण-:-
1-स्वदेश रत्न अवार्ड से सम्मानित 2020 द्वारा स्वदेश संस्थान इंडिया फैजाबाद
2- स्वदेश गौरव सम्मान से सम्मानित 2020 द्वारा स्वदेश संस्थान इंडिया फैजाबाद
3-पद्म विभूषण नंदलाल बोस नेशनल गोल्डन आर्टिस्ट अवॉर्ड2020 द्वारा स्वदेश संस्थान इंडिया फैजाबाद/सागर कला भवन अयोध्या फैजाबाद 
4- डा. ऐपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रीय ऐवार्ड 2021 द्वारा भाभा विज्ञान क्लब विपनेट गोंडा शांति फाउंडेशन गोंडा
5--नेशनल मदर्स डे से अवार्ड से अलंकृत 2020 द्वारा स्वदेश संस्थाान इंडिया
6-नेशनल ग्रेट आर्टिस्ट अवार्ड इण्डिया 2020 स्वदेश संस्थान इंडिया
7-स्वदेश प्रेमी अवार्ड 2020 द्वारा स्वदेश संस्थान इंडिया फैजाबाद
8-पर्यावरण प्रहरी सम्मान 2020 द्वारा शांति फाउंडेशन गोंडा एवं नींबू पानी संवर्धन संस्थान कानपुर
9-मौलाना आजाद शिक्षा सम्मान 2021
10-अवनींद्र नाथ टैगोर नेस्नल ऐक्सीलैन्ट आर्ट टीचर अवार्ड 2020
11-डा०सर्वपल्ली राधा कृष्णन नेश्नल विल्डर 
 इनोवेटिव टीचर एवार्ड 2020
12-भारशिव रत्न सम्मान 2020
13-अन्तर्राष्ट्रीय गोल्डेन आर्टिस्ट ऐवार्ड 2021 द्वारा स्वदेश संस्थान इंडिया
14-स्वदेन श्री ऐवार्ड 2021 द्वारा स्वदेश संस्थान इंडिया फैजाबाद
15- राष्ट्रीय एकता पुरस्कार साकेत महाविद्यालय अयोध्या 2008
16-नेस्नल मदर्स ब्लेस ऐवार्ड 2021
17-अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण योद्धा सम्मान 2021 द्वारा शांति फाउंडेशन गोंडा एवं नींबू पानी संवर्धन संस्थान कानपुर
18-स्पेशल आर्टिस्ट ऐवार्ड 2021 द्वारा स्वदेश संस्थान इंडिया फैजाबाद एवं सागर कला भवन अयोध्या
19-इंडियन आर्टिस्ट अवॉर्ड 2021 द्वारा स्वदेश संस्थान इंडिया
20-राधा कृष्णन सम्मान 2021
21.-जीनियस इण्डिया ऐवार्ड 2021 द्वारा स्वदेश संस्थान इंडिया फैजाबाद
22-राजभर भूषण सम्मान 2017  द्वारा राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव ट्रस्ट मध्य प्रदेश
23--काव्य केसरी सम्मान 2021
24-शान्ति सदभावना सम्मान 2021 द्वारा शांति फाउंडेशन गोंडा
25-कर्मयोगी समान 2021 द्वारा शांति फाउंडेशन गोंडा
26-प्रथम पुरस्कार सीनियर वर्ग राम कथा संग्रहालय अयोध्या 2009
27-प्रथम पुरस्कार सीनियर वर्ग नटखट कॉलेज' बेनीगंज फैजाबाद मंडल 2010
28-कला दीर्घा प्रथम पुरस्कार सीनियर वर्ग नटखट कॉलेज बेनीगंज फैजाबाद मंडल 2010
29-राज्य ललित कला अकादमी प्रकृति चित्रण प्रतियोगिता सीनियर वर्ग में तृतीय पुरस्कार 2010
30--सांत्वना पुरस्कार सीनियर वर्ग राम कथा संग्रहालय अयोध्या 2011
31-राम कथा संग्रहालय द्वारा आयोजित चित्रकला सीनियर वर्ग प्रतियोगिता पर पुरस्कृत 2011
32-साकेत पीजी कॉलेज द्वारा पोस्टर प्रतियोगिता में पुरस्कृत 2011
33-प्रथम पुरस्कार पेंटिंग्स वार्षिक PG कॉलेज पलिया गोलपुर सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश 2013
34-अयोध्या शोध संस्थान सीनियर वर्ग द्वारा पुरस्कृत 2009
35-राष्ट्रीय मतदाता जागरण पुरस्कार नगर पंचायत दोस्तपुर 2017
36-राष्ट्रीय मतदाता जागृति के अवसर पर एडीएम प्रशासन सुल्तानपुर द्वारा पुरस्कृत 2016
37--मतदाता जागरूकता व स्वच्छ भारत मिशन पर आधारित चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिता में निर्णायक नगर पंचायत दोस्तपुर 2017 
38-राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता पर निर्णायक की भूमिका नगर पंचायत दोस्तपुर 2018
39-बी एस ए सुल्तानपुर द्वारा पुरस्कृत 2018
40-बी एस ए सुल्तानपुर द्वारा पुरस्कृत 2019
41-अन्तर्राष्ट्रीय यूनिटी ऐविर्ड 2021द्वारा शांति फाउंडेशन गोंडा 
42-आनन्द रत्न ऐवार्ड 2022 द्वारा शांति फाउंडेशन गोंडा 
43-राष्ट्रीय शिक्षा संस्कृृृति सम्मान 2021 द्वारा अयोध्या शोध संस्थान संस्कृृृृति विभाग उत्तर प्रदेश,बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया एवं शांति फाउंडेशन गोंडा 
44आदर्श शिक्षक सम्मान 2021 द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी कादीपुर सुल्तानपुर
45- सावित्रीबाई फुले सम्मान 2022 द्वारा शांति फाउंडेशन गोंडा
46-अमृत कला रंग सम्माान 2022 द्वारा अयोध्या न्यास अयोध्या
47- स्वामी विवेकानंद सम्मान 2022 द्वारा शांति फाउंडेशन गोंडा
48- राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सम्मान पत्र 2022 द्वारा शांति फाउंडेशन गोंडा
49-शाति सद्भावना सम्मान 2022 शान्ति फाउन्डेशन गोण्डा
50-57 देशों के बीच एक्सीलेंस अवॉर्ड 2022 द्वारा ऐलेन्टीला फाउंडेशन
51-साहित्य गौरव सम्मान 21 मार्च 2022 द्वारा शांति फाउंडेशन गोंडा
52- अन्तर्राष्ट्रीय नोबल आर्टिस्ट ऐवार्ड 2022 द्वारा स्वदेश सस्थान इण्डिया 
53- इण्डियन गोल्डेन आर्टिस्ट ऐवार्ड 2022 द्वारा 
स्वदेश संस्थान इण्डिया
54- टलेन्टिला नेशनल आर्टिस्ट ऐवार्ड 2022 द्वारा टालेन्टिला फाउन्डेशन 
55- अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण योद्धा ऐवार्ड 222 द्वारा शान्ति फाउन्डेशन गोण्डा 
56दानवीर सम्मान 2022 द्वारा फाउन्डेशन गोण्डा
57- शाईनिंग स्टार ऐवार्ड 2022 द्वारा टालेन्टिला फाउन्डेशन 
58- गोल्डेन आर्टिस्ट अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड 2022 द्वारा दिल्ली आर्ट नयी दिल्ली
59- देशभक्त ऐवार्ड 2022 द्वारा स्वदेश सस्थान इण्डिया 
60डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन आइकन अवार्ड 2022 द्वारा बाल विकास प्रशिक्षण एवं एकता फाउंडेशन
61- जीनियस शिक्षक सम्मान 2022 द्वारा स्वदेश संस्थान इंडिया
62-incredible india एक्सीलेंस अवार्ड 2022 द्वारा टालैंटिला फाउंडेशन इंडिया
उल्लेखनी योगदान/विशिष्ट उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण (200 शब्दों में

आर्टिस्ट चन्द्रपाल राजभर ने चित्रकारिता के माध्यम से देश,प्रदेश,राष्ट्र,विश्व स्तर पर ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कलाकृतियों के माध्यमों से जन जागृति फैलाने का कार्य करते आ रहे हैं 2007 से लेकर अब तक चाँद चिंतन पेंटिंग सीरीज के माध्यम से विभिन्न विधाओं से देश में वैज्ञानिकता की सोच को और प्रगाढ़ करने के लिए सक्रियता से चित्रकला के माध्यम से कार्य किए हैं एवं विभिन्न चित्र श्रृंखला जैसे चांद चिंतन पर एकल चित्र श्रृंखला,पतझड़ चित्र श्रृंखला, आप की सोच चित्र श्रृंखला,मुगलकालीन पेंटिंग चित्र श्रृंखला ,पुष्प चित्र  श्रृंखला,प्राकृतिक चित्रण चित्र श्रृंखला,वेदना चित्र श्रृंखला,वाष्ट्रा पेंटिंग चित्र श्रृंखला आदि विभिन्न  चित्र श्रृंखलाओं के माध्यम से देश की चेतन जागृति बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं साथ-साथ में पुस्तक प्रकाशन कर देश मासूम बच्चे बच्चियों एवं विभिन्न संस्थानों को प्रदान कर  चेतन जागृति बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं वही बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्त होकर शिक्षण गतिविधियों के साथ-साथ विद्यालयी वातावरण को सुंदर बनाने के लिए लगातार कठिन संघर्ष कर विद्यालय को सुंदर बनाए हैं जिसको देखते हुए विभिन्न संगठनों ने अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण योद्धा एवं पर्यावरण प्रहरी सम्मान के साथ सैकड़ों सम्मानों से नवाजा है कविता लेखन के माध्यम से पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य करते आ रहे हैं वहीं विभिन्न प्रकार की एकल एवं सामूहिक कला प्रदर्शनी  को लगाकर देश एवं राष्ट्र की चेतना जागृति बढ़ाने के लगातार कार्य कर रहे हैं साथ साथ में शैक्षिक जनजागृति समाज सेवा का भी कार्य करते आ रहे हैं एवं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं किताबों एवं समाचार पत्रों में राजभर जी के लेख एवं कलाकृतियां प्रकाशित होती आ रही हैं आज चंद्रपाल राजभर अपने प्रदेश का नाम भारत ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर रोशन किए हैं जिसका प्रमाण सूची संलग्न है धन्यवाद
                                            
                                            नाम व हस्ताक्षर
                                           चन्द्रपाल राजभर

Thursday, August 18, 2022

टालैटिला

शाईनिंग स्टार ऐवार्ड 2022

          शाइनिंग स्टार अवार्ड                                                4/08/2022 को देश का गौरव बढा रहे आर्टिस्ट चंद्रपाल राजभर को अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी में टालेंटिला शाइनिंग स्टार अवार्ड से सम्मानित किया गया जनपद सुल्तानपुर के सजनपुर निवासी चंद्रपाल राजभर को उनकी कलाकृति स्ट्रगल के लिए टालेन्टिला फाo की टीम एंव विश्व स्तर की जजमेन्ट कमेटी में इण्डिया केरला से अनीश अंजी जी, साउथ कोरिया से युन ज्योंग्ग, लिथोनिया से एरिका पेटूनोव्यन, जर्मनी से राशिम मास्लिक,सिंगापुर से अज्नेता,इजिप्ट से अॅल क्वासास जी ने मिलकर चन्द्रपाल राजभर की मार्डन आर्ट वाटर कलाकृति स्ट्रगल को मूल्याँकन के बाद शाईनिंग स्टर एवार्ड से सम्मानित किया आप को बताते हुये हमें अपार खुशी हो रही है कि चन्द्रपाल राजभर को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर यह पहला ऐवार्ड नहीं है ऐसे कई दर्जनों ऐवार्डो एंव सम्मानों से सम्मानित होकर जनपद सुल्तानपुर के साथ-साथ भारत देश का नाम विश्व पटल लहराया है चन्द्रपाल राजभर एक सरल,भावनात्मक,ईमानदार,मधुर व्यक्तित्व के धनी है ऐसे व्यक्तित्व की जितनी प्रशंसा की जाये उतनी ही कम है

Saturday, July 2, 2022

गीत

 
         चन्द्रपाल राजभर( आर्टिस्ट,लेखक,शिक्षक)
          वैज्ञानिकवादी सामाजिक कला चिंतक 
        email-chandrapal6790@gmail.vom
                      mo-9721764379
 
सपनों में क्यों दौडी चली आयी हो

 जब रोज-रोज करती मेरी बुराई हो  
फिर सपनों में क्यों दौड़ी चली आई हो 

रातों की सिल्वटों से मुझे जगाई हो
 खुली रह गई पलकें नींद ना आई हो 

नहीं जानता था मैं तू इतनी हरजाई हो
 झूँठा वादा करके जीवन बर्बाद कराई हो 

मैं तो सच समझता था जीवन के सपनों में 
छल कपट धोखा नहीं जाना था अपनों में 

तेरी धोखेबाजी ने बतला दिया यह मुझको
 असली चेहरा क्या था तेरा दिखला दिया यह मुझको 
                नहीं लगती तुझमें कोई सच्चाई हो........... ।
                     
                                           लेखक  गीतकार
                                              चद्रपाल राजभर
                                            mo-9721764379

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 तेरी मीठी-मीठी बातें

जब-जब याद आती हैं
 तेरी मीठी-मीठी बातें 
क्या पता था मुझको
 तेरी झूँठी हैं ये बातें ।।2।।
                  मैं तो सच समझता था 
                  तेरी बड़ी छोटी बातें 
                  क्या पता था मुझको 
                  तेरी झूँठी हैं ये बातें.....।
पता चल गया मुझको 
तेरी काली-काली बातें ।।2।।
ब्वॉयफ्रेंड को लेकर 
होटल-होटल वाली बातें ।।2।।
                  जब-जब याद आती हैं
                  तेरी मीठी-मीठी बातें 
                  क्या पता था मुझको
                  तेरी झूँठी हैं ये बातें ।।2।।
मैं तो सच समझता था 
तेरी सारी-सारी बातें
 मुझे क्या पता था 
तेरी सारी बातें झूँठी.......।
               क्यों किया तूनें ऐसा 
              बतला जरा तू साकी 
              मेरे साथ खेला ऐसा 
              खेल क्यों ये साकी 
मेरी क्या गलती थी
 मैं तो सच्चा था हमराही 
लिखा पढ़ा इक उच्च 
विचारों,वाला, जीवन राही.......।
                बना दिया मुझको पागल सा
               धरती वाला राही 
               मुंह मोड़ कर ईर्ष्या से
              गु़ंमराहों वाला राही.......।।2।।

                              लेखक व गीतकार
                                चद्रपाल राजभर
                             mo-9721764379
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  गौरैया ने छत पर अब आना छोड दिया है

गौरैया ने छत पर अब
 आना छोड़ दिया है 
भँवरों ने कलियों से अब 
नाता तोड़ दिया है 
                  बागों-बागों में घूम रहे हैं 
                 बनके शिकारी मानव
                डर के मारे कोयलिया ने 
                गाना छोड़ दिया है 
अभी चिड़िंया ने पंख सँवांरा 
अभी नोच कर खायी......... ।
 जब कोयलिया ने देखा तो वो
बेदर्दी से गाई.................आयी............।
                     कैसी बेहयाई........आई...... 
                      कैसी बेहयाई...................।।2।।
गुलाबों ने बागों में अब 
महकना छोड़ दिया है ।।2।।
सुगंधों के प्यासों को अब 
सपना दिखा दिया है...
                   हवाओं से कलियाँ हिलें तो 
                   पेड़ भी अब काँपें..............।
                   जहां घोंसले थे वहां.......अब 
                  वीरान बना दिए हैं 
कैसे बनेगा घोंसला अब तो
 कोई सरम ना आयी.......... आई........।
 कैसी बेहयायी............ आई........
 कैसी बनाई..........................।।2।।
                  जहाँ पंछियाँ दाना पातीं
                  अक्सर वहीं वो जाती... 
                  पंछी का जीवन बचाने....
                   ईश्वर भी आ जाते..... ।
 जहां मिट्ठू की बातें सुनकर
 गूंजती हैं किलकारी ........।
पंछी पकड़ने वालों से......ये..... 
धरती भी सरमाती...............। 
                   वहां गौरैया के जीवन को
                  लोगों ने वीरान बनाई ....आयी..........।
                  कैसी बेहयाई .........आयी...........
                  कैसी बेहयायी..................।।2।।
                                  लेखक व गीतकार
                                   चद्रपाल राजभर
                                  mo-9721764379
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                         यादें
यादें ..............................।
आती है तेरी.....................।
 मुझको सताती हैं.....।।2।।
बहुत रुलाती है 

क्या तुम नहीं सुनोगे...........  
मेरी यह बातें.....................।।2।।

यादें ..............................।
आती है तेरी.....................।
 मुझको सताती हैं.....।।2।।
बहुत रुलाती है...............।

यादें ही तेरा सहारा हैं
 यादें ही तेरा बसेरा हैं
 यादें ही तेरा ये जीवन हैं 
यादों पर तेरा ही पहरा है

 क्या तुम नहीं सुनोगे...........।
 मेरी यह बातें.....................।।2।।

यादें ..............................।
आती है तेरी.....................।
 मुझको सताती हैं.....।।2।।
बहुत रुलाती है..............

कल की तेरी यह जो बातें हैं 
आज मुझे याद आती हैं
 रह-रहकर मुझको सताती हैं
 दिन-रात मुझको जगाती हैं 

क्या तुम नहीं सुनोगे.....................।
 मेरी यह बातें...............................।।2।।

यादें ..............................।
आती है तेरी.....................।
 मुझको सताती हैं.....।।2।।
बहुत रुलाती है..............।।2।।
                                 लेखक व गीतकार
                                   चद्रपाल राजभर
                                  mo-9721764379
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            नजरे निगाहो से  टकरा रही है

नजरें निगाहों से टकरा रही हैं 
धड़कन मेरी ये बढ़ा.... रही हैं 
काली घटाओं सा छाया है बादल
 जुल्फें तेरी ये बदला रही हैं ।।2।।

 प्यारी घटायें, सुनहरा है मौसम
 हवायें भी चल रही हैं .........
पाँव की पायल कानों में गूँजे 
छन-छन-छन कर रही हैं....।

नजरें निगाहों से टकरा रही हैं 
धड़कन मेरी ये बढ़ा.... रही हैं 
काली घटाओं सा छाया हैं बादल
 जुल्फें तेरी ये बदला रही हैं ।।2।।

आँखें तेरी ये, शराबी-शराबी
 निगाहों से कुछ कह रही हैं 
ये पलकें झुकायें जरा मुस्करायें
 गजब का ये सरमा रही हैं ।

नजरें निगाहों से टकरा रही हैं 
धड़कन मेरी ये बढ़ा.... रही हैं 
काली घटाओं सा छाया है बादल
 जुल्फें तेरी ये बदला रही हैं ।।2।।
 
दांतों तले ये अंगुलियां दवाये 
खिल-खिल-खिला रही हैं
 जुल्फों को अपने गालों से झटके
 क्या अंदाज, दिखा रही हैं......।
                                   लेखक व गीतकार
                                   चद्रपाल राजभर
                                  mo-9721764379
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 जल बिन मछली जिये कैसे

जल बिन मछली जिए कैसे
                         जिए कैसे 
पनिया है दूषित रहे कैसे ।।2।।

 नदियों में नाला, बह-बह आयै
 कूड़ा करकट,सबही बहायै
 धोती कुर्ता,जनता काचारै
 लुगरिया में बांधी,गठरिया बहायै
 नदिया है दूषित रहे कैसे 
                        रहे कैसे
जल बिन मछली जिए कैसे
 पनिंया है दूषित रहे कैसे
                        रहे कैसे 

जल बिन मछली जिए कैसे
                    जिए कैसे 
पनिया है दूषित रहे कैसे ।।2।।

मीलों से पानी,नदिया में आयै
 केमिकल मिलि-मिलि,दूषित बनावे 
गाय भैंस सब,मलि मलि नहायै
गोबर माटी,ओही में बहायै

नदिया के पानी सफाई कैसे 
                       सफाई कैसे
जल बिन मछली जिए कैसे
                    जिए कैसे 
पनिया है दूषित रहे कैसे ।।2।।

                                लेखक व गीतकार
                                   चद्रपाल राजभर
                                  mo-9721764379
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मेरी नजर से बँहकना जो चाहें

कँण-कँण बूँदें, बरसना जो चाहें
 मेरी नजर से,बँहकना जो चाहें
 रोकूँ उन्हें मैं.........., कैसी नजर से...........। 
आती नहीं हैं.........., खुशियां उधर से.........।।2।।

आँखें कहीं ये,टकरा ना जाये
 होंटो की बातें,निगाहों पे आये 
दाँतों तले ये,अंगुलियां दबाये
 निगाहें सरम से,कहीं झुँक ना जाये 
रुकना...... जो चाहें, कहीं रुक ना पाये

कँण-कँण बूँदें, बरसना जो चाहें
 मेरी नजर से,बँहकना जो चाहें
 रोकूँ उन्हें मैं.........., कैसी नजर से...........। 
आती नहीं हैं.........., खुशियां उधर से.........।।2।।

सुहाना है मौसम,नजर उठ ना जाये 
बिजली तड़प कर,कहीं गिर ना जाये
 खयालों की बातें,खयालों में आये
 निगाहों से कहीं,.......गजब हो ना जाये
 मौसम की बातें,ये मन ही तो जाने 
निगाहों से टकरा के,कहीं मुँड ना जायें

कँण-कँण बूँदें, बरसना जो चाहें
 मेरी नजर से,बँहकना जो चाहें
 रोकूँ उन्हें मैं.........., कैसी नजर से...........। 
आती नहीं हैं.........., खुशियाँ उधर से.........।।2।।

                                   लेखक व गीतकार
                                   चद्रपाल राजभर
                                  mo-9721764379

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             अपना जमाना भूल गये
मैंनें...... सुना....... था ,जिंदगी....... में 
वो.... याद........ आना..... भूल.... गये....।
 प्यार... सिखाना......., दूर... रहा..... वो
 अपना...... जमाना......., भूल....  गये....।।2।।
 मैंनें ......सुना....... था ,....जिंदगी....... में

यादों...... से...... बढ़कर......, न यार..... रहा
 अपनों..... से..... बढ़कर, ना कोई रहा
 दुनिया....... जहां,घूम..... . लिया... मैं
 अपनों........ जैसा..... कोई..... ना... रहा
 झूठी... हैं.... सब ,जग.... की..... प्रीति 
मैंने.... सब.... ये...... जान .......लिया ......।
मैंनें....... सुना..... था..... जिंदगी..... में......।

मैंनें...... सुना....... था ,जिंदगी....... में 
वो.... याद........ आना..... भूल.... गये....।
 प्यार... सिखाना......., दूर... रहा..... वो
 अपना...... जमाना......., भूल....  गये....।।2।।
 मैंने ......सुना....... था ,....जिंदगी....... में

पल....पल.... की.... खुशियाँ ,मोती... बनें ...तो 
शबनम....... सा....... पानी...... बरसे.........।
 यादों....... की.... दरिया, हकीकत.... हो... जब 
खुशियाँ..... ही......खुशियाँ..... बरसे.......।
अफसानों.... की, डोरी..... में... अब... । 
याद..... आना, भूल.... गये............।
 मैंनें..... सुना...... था, जिंदगी.....  में...   ।।


मैंनें...... सुना....... था ,जिंदगी....... में 
वो.... याद........ आना..... भूल.... गये....।
 प्यार... सिखाना......., दूर... रहा..... वो
 अपना...... जमाना......., भूल....  गये....।।2।।
 मैंनें ......सुना....... था ,....जिंदगी....... में
                                   लेखक व गीतकार
                                   चद्रपाल राजभर
                                  mo-9721764379
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 एक छोटी सी चिंडिया

एक छोटी सी चिड़िया 
फुदक-फुदक कर आती ।।2।।

घर में मेरे चीं-चीं कर वो 
विखरे दाने खाती 

एक छोटी सी चिड़िया 
फुदक-फुदक कर आती ।।2।।

रोज नहाती टब में मेरे 
सब दिन पानी पीती
मम्मी,पापा,दादा ,दादी 
के संघ-संघ वो जीती 

चह-चह करती घर में जब वो 
    लगता गाना गाती ।।2।।

एक छोटी सी चिड़िया 
फुदक-फुदक कर आती।।2।। 

उड़-उड़ चिड़ियाँ घर में आवै
 चीं चीं कर के जगावै
 जैसे बसंती बयार बा आईल
 सुन-सुन मनहर हरसाये

अपनी बोली की मिठास से 
सबका दिल बहलाती ।।2।।

एक छोटी सी चिड़िया 
फुदक-फुदक कर आती।।2।। 

                                  लेखक व गीतकार
                                   चद्रपाल राजभर
                                  mo-9721764379
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एक छोटी सी चिड़िया
 तिनके चुन-चुन लाती ।।2।।

कभी इधर से कभी उधर से 
फुदक-फुदक कर आती 

एक छोटी सी चिड़िया
 तिनके चुन-चुन लाती ।।2।।

डाली पर वह बैठकर 
आशियां अपना बनाती 

एक छोटी सी चिड़िया 
तिनके चुन-चुन लाती 

साज संवारती घर को अपने
 जैसे महल हजारी 

एक छोटी सी चिड़िया
 तिनके चुन-चुन लाती।।2।।

जाड़ा,गर्मी या हो बरखा 
कभी नहीं  घबडाती 

एक छोटी सी चिड़िया
 तिनके चुन-चुन लाती।।2।।

                                  लेखक व गीतकार
                                   चद्रपाल राजभर
                                  mo-9721764379
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मेरी अभिलाषा है
मैं पढ़ना चाहती हूँ
 लगाकर पंख 
इस जहाँ को घूँमना चाहती हूँ
आसमा की ऊंचाई पर
 पहुंचना चाहती हूँ 
दुनिया के दर्द को 
हरना चाहती हू़ँ
मेरी अभिलाषा है 
मैं पढ़ना चाहती हूँ

दुनिया को मा़ँ के आँचल सा
सँवारना चाहती हूँ
बेटी हूँ 
सब का सम्मान 
बढ़ाना चाहती हूँ
माँ का आँचल 
सवारना चाहती हूँ
मेरी अभिलाषा है 
मैं पढ़ना चाहती हूँ

मैं आजाद पंछी सा 
उड़ना चाहती हूँ 
इस जगत को कुछ नया 
देना चाहती हूँ 
गुलामी की बेड़ियों को
 तोड़ना चाहती हूँ 
बेटी हूँ इसलिए सम्मान 
बढ़ाना चाहती हूँ
 मेरी अभिलाषा है 
मैं पढ़ना चाहती

बनकर सूरज मैं
चमकना चाहती हूँ 
अंधेरों को खालना चाहती हूँ
आडम्बरों को तोड़ना चाहती हूँ
कुछ अच्छा सा 
जगत को बनाना चाहती हूँ
अपने हुनर से
 इस जगत को सजाना चाहती हूँ 
बेटी हूँ 
बेटी का मान 
बढ़ाना चाहती हूँ 
मेरी अभिलाषा है 
मैं पढ़ना चाहती हूँ
                                  लेखक व गीतकार
                                   चद्रपाल राजभर
                                  mo-9721764379
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Friday, February 18, 2022

अंतर्राष्ट्रीय एक्सीलेंस अवार्ड

57 देशों के बीच एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित हुए आर्टिस्ट चंद्रपाल राजभर

सुल्तानपुर
भारत देश का गौरव बढ़ा रहे जनपद सुल्तानपुर के सजनपुर निवासी आर्टिस्ट चंद्रपाल राजभर को उनकी कलाकृति जीवत्व के लिए 57 देशों के बीच एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया ऐलेन्टीला फाउंडेशन के द्वारा दिनांक 3/2/2022 से दिनांक 18/2/2022 तक एक अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन आर्ट प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसमें जनपद सुल्तानपुर के शिक्षक,लेखक,आर्टिस्ट चंद्रपाल राजभर जी ने अपनी कलाकृति जीवत्व के साथ प्रतिभाग किया तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता की जजमेंट कमेटी ने 57 देशों के बीच 873 प्रतिभागियों में चंद्रपाल राजभर को ऐवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया इस कार्यक्रम का नाम रंगाकाश टू दिया गया जिसको ऑनलाइन के माध्यम से आयोजित किया गया आपको बताते चलें कि चंद्रपाल राजभर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यह पहला अवार्ड नहीं है ऐसे कई अंतर्राष्ट्रीय   ऐवार्डों से चंद्रपाल राजभर नवाजे जा चुके हैं देश के साथ-साथ हमें भी अपार खुशी महसूस होती है जब हमारे बीच से कोई अंतर्राष्ट्रीय फलक पर जाकर देश और समाज के साथ-साथ जनपद का नाम रोशन करते हैं ऐसे व्यक्तित्व की हम जितनी प्रशंसा करें उतनी ही कम है

अंतर्राष्ट्रीय आर्टिस्ट ऐवार्ड 2022