पवन बोले जब प्यारी बात,
दिलाए तेरी मेरी फिर याद।
फूलों से खुशबू अब बरसे,
मन में उठे मीठी बरसात॥
पवन बोले जब प्यारी बात,
दिलाए तेरी मेरी फिर याद।
बादल छाए, नभ मुस्काए,
जाने कहाँ तू खोई जाए।
तेरी हँसी का झोंका आए,
मन में मेरे उल्लास जगाये।।
पवन बोले जब, प्यारी बात,
दिलाए तेरी मेरी फिर याद।
सावन में गाए, साजन तेरे,
झरनों में बहें ,अरमान मेरे।
सपनों में तेरा ,नाम पुकारे,
प्रीत की अलख, फिर जगाये॥
पवन बोले जब प्यारी बात,
दिलाए तेरी मेरी फिर याद।
चाँद सा गोरा मुखड़ा तेरा,
पवन करे अब तेरा पहरा।
साँसों में तेरी खुशबू ठहरे,
मन को मिले तेरी सौगात॥
पवन बोले जब प्यारी बात,
दिलाए तेरी मेरी फिर याद।
फूलों से खुशबू अब बरसे,
मन में उठे मीठी बरसात॥
लेखक
डॉ चन्द्रपाल राजभर
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