Monday, February 23, 2026

किताब अभिलाषा मोटिवेशनल गज़ल

1 मंजिल 
अभी तो दूर मंज़िल है, अभी नहीं रुकना है
हर एक मुश्किल से लड़ना है, अभी नहीं रुकना है।

गिरा जो राह में फिर से, उठाना खुद को होगा
ये हौसलों का फ़साना है, अभी नहीं रुकना है।

अंधेरी रात से डरकर, ठहरना काम कैसा
तुझे सूरज भी बनना है, अभी नहीं रुकना है।

जो लोग आज हँसते हैं, वही कल गुनगुनाएँगे
तुझे इतिहास बनना है, अभी नहीं रुकना है।

पसीने की हर एक बूंद, लिखेगी नई कहानी
तुझे किस्मत बदलना है, अभी नहीं रुकना है।

नज़र उठाकर देखो तो, गगन भी पास आएगा
तुझे ऊँचाई छूना है, अभी नहीं रुकना है।

तेरा विश्वास ही तुझको, नई पहचान देगा
तुझे खुद से ही मिलना है, अभी नहीं रुकना है।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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2 तलाश 
जो दिल में हो लगन सच्ची, तो आस मिल जाएगी
अंधेरों के भी आगे इक प्रकाश मिल जाएगी।

जो गिरकर फिर संभलता है, वही मजबूत होता है
उसी इंसान को आगे उड़ान खास मिल जाएगी।

न बैठो हारकर यूँ ही, ये वक्त बदलता रहता है 
तेरे हर घाव को इक दिन मिठास मिल जाएगी।

पसीने की कहानी को, जमाना याद रखेगा
तेरे संघर्ष को भी पहचान खास मिल जाएगी।

जो खुद पर यकीन रखता, वही इतिहास लिखता है
उसी मेहनत को दुनिया से उजास मिल जाएगी।

नज़र ऊँची रखो अपनी, इरादे मत झुकाना तुम
तुझे तेरे ही अंदर से वो प्यास मिल जाएगी।

चलो बढ़ते रहो आगे, न डर तूफान से राही
तुझे चलते ही चलते वो तलाश मिल जाएगी।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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3 दम के इरादे 
इरादों में अगर दम हो, तो पत्थर पिघल जाते हैं
सच्ची मेहनत के आगे तूफ़ां भी संभल जाते हैं।

जो गिरकर फिर से उठते हैं, वही इतिहास लिखते हैं
जो डरकर बैठ जाते हैं, वो अक्सर बदल जाते हैं।

न देखो वक्त की करवट, ये हर पल रूप बदलता है
जो धैर्य थाम लेते हैं, वही आगे निकल जाते हैं।

अंधेरों से जो लड़ते हैं, वही सूरज बनाते हैं
जो सपनों पर यकीन रखें, वही किस्मत बदल जाते हैं।

पसीने की हर एक बूंद इबारत बन ही जाती है
जो श्रम को पूज लेते हैं, वो ऊँचाई पर चल जाते हैं।

न रुकना, न झुकना तुम, यही मंत्र सफलता का है
जो खुद पर विश्वास रखें, वही शिखर पर ढल जाते हैं।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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4 उड़ान 
अभी तो पंख निकले हैं, अभी उड़ान बाकी है
अभी तो हौसलों की बस नई पहचान बाकी है।

अभी मत सोच हार की, ये तो बस एक ठोकर है
अभी तो जीत लिखनी है, अभी सम्मान बाकी है।

जो मेहनत से नहीं भागे, वही आगे निकलते हैं
अभी तेरे ही नाम का नया अभियान बाकी है।

जो जलता है वही दीपक, अंधेरों को मिटाता है
अभी तुझमें ही छिपा पूरा आसमान बाकी है।

नज़र ऊँची रखो अपनी, ये दुनिया साथ आएगी
अभी तेरे इरादों का बड़ा तूफान बाकी है।

न रुकना बीच राहों में, यही पहचान बनती है
अभी तेरे ही कदमों का नया निशान बाकी है।

"राजभर" यकीन रख तू अपने सच्चे प्रयासों पर
अभी तेरे ही जीवन का स्वर्णिम गान बाकी है।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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5 बदलाव 
रास्ते खुद ही बदलते हैं, इरादा चाहिए,
हर अंधेरे को मिटाने को उजाला चाहिए।

सिर्फ़ सपनों से नहीं मिलती कभी ऊँचाइयाँ
उन सपनों को हकीकत का पसीना चाहिए।

जो समय की मार से घबराकर बैठा रह गया
उसको फिर किस्मत नहीं, बस बहाना चाहिए।

पत्थरों से टकराकर जो निखर जाए वही
ऐसे जज़्बे को ही सच्चा नगीना चाहिए।

हार को दिल में बिठाकर जीत मिलती ही नहीं
दिल में बस खुद पर अटल विश्वास चाहिए।

आज ठुकराए गए तो क्या हुआ ऐ हमसफ़र
कल तुझे हर मोड़ पर इक कारवां चाहिए।

"राजभर" तू थाम ले साहस की मजबूत डोर
ज़िंदगी को जीतने का हौसला चाहिए।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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6 खुद पर यकीन 

जो खुद पर यकीन रखता है, वही कमाल करता है
अंधेरों में भी चलकर वो नया उजाला करता है।

न रोक सकेगी दुनिया की कोई भी बंदिश उसको
जो अपने हौसलों से ही हर सवाल करता है।

गिरा है आज तो क्या, ये गिरना भी जरूरी है
यही इंसान को मजबूत और बेमिसाल करता है।

पसीने की हर एक बूंद गवाही देगी मेहनत की
यही संघर्ष इंसां को बड़ा मिसाल करता है।

न बैठो हार के डर से, ये डर ही हार होता है
जो इससे जीत जाए, वही धमाल करता है।

समय भी साथ देता है उसी को एक दिन "चन्दू"
जो हर हालत में खुद को संभाला करता है।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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7 पहचान 
तेरी मेहनत ही तेरी पहचान लिख देगी
तेरे कदमों में एक दिन उड़ान लिख देगी।

आज जो तुझको परखते हैं कमजोर समझकर
वक्त उनकी भी नई जुबान लिख देगी।

तू न रुकना कभी ठोकरों के डर से राही
यही ठोकर ही तुझे महान लिख देगी।

पसीने की हर बूंद खाली नहीं जाती है
ये तेरे हाथ में पूरा आसमान लिख देगी।

हौसला रख, ये अंधेरे भी गुजर जाएंगे
तेरी हिम्मत ही नया विहान लिख देगी।

जो भरोसा है तुझे खुद की ही ताकत पर
यही विश्वास नई पहचान लिख देगी।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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8 मुकाम

चल पड़ा है तो सफ़र का अंजाम भी आएगा
तेरे हौसले के आगे हर मुकाम भी आएगा।

आज जो तुझको अंधेरों में भटकता देखें
कल तेरे नाम का उजला सा धाम भी आएगा।

मत डर ठोकर से, ये ठोकर ही सिखाती है तुझे
इन्हीं ठोकरों से जीने का पैगाम भी आएगा।

तेरी मेहनत यूँ ही बेकार नहीं जाएगी कभी
तेरे हिस्से में भी खुशियों का जाम भी आएगा।

रख भरोसा तू खुदी पर, ये जमाना बदलेगा
तेरे हाथों में नया इक निजाम भी आएगा।

आज तन्हा है तो क्या, कल ये जमाना होगा साथ
तेरे पीछे तेरा अपना ही नाम भी आएगा।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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9 हालात-ए-बदलाव 
खुद को इतना मजबूत बना, हालात बदल जाएंगे
तेरे आगे झुकने को ये जज़्बात बदल जाएंगे।

आज जो तुझे रोक रहे, कल राह दिखाएंगे
तेरी मेहनत के आगे दिन-रात बदल जाएंगे।

मत डर गिरने से, गिरना भी एक सबक होता है
इन्हीं सबक से तेरे हर आघात बदल जाएंगे।

तेरी चुप्पी भी एक दिन आवाज़ बनेगी सुन ले
तेरे संघर्ष से सारे सवालात बदल जाएंगे।

रख यकीन अपने दम पर, ये किस्मत भी तेरी है
तेरे हौसले से ही हालात बदल जाएंगे।

जो आज तुझे पहचान नहीं देते इस दुनिया में
कल तेरे नाम से ही ये हालात बदल जाएंगे।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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10 कोशिश 
तेरी कोशिश का असर एक दिन दिख जाएगा
सूखा पेड़ भी फिर से हरा दिख जाएगा।

आज चुपचाप जो मेहनत में लगा है तेरा दिल
तेरा हर ख्वाब हकीकत में खिला दिख जाएगा।

मत समझ ख़ुद को कभी भी तू कमजोर यहां
तेरा साहस ही तुझे सबसे बड़ा दिख जाएगा।

रात की गोद में पलता है उजाला अक्सर
तेरा संघर्ष ही सूरज सा उगा दिख जाएगा।

ठोकरें तुझको गिराने के लिए आती हैं
इनसे सीखकर तू और भी खरा दिख जाएगा।

वक्त पहचान नहीं देता है पहले ही तुझे
तेरा कर्म ही तुझे सबसे अलग दिख जाएगा।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 



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