Friday, February 27, 2026

किताब अभिलाषा मोटिवेशनल गज़ल

मत पूछ कि राहों में कितनी धूल मिली
हर मोड़ पे बस संघर्ष की सूल मिली।
हम ठहरे मुसाफ़िर इरादों के पक्के
हर हार में भी जीत की उसूल मिली।

जो दर्द मिला उसको ताकत बना लिया
हर घाव को हमने ही इबादत बना लिया।
किस्मत तो बदलती है मेहनत के आगे
हमने तो पसीने को किस्मत बना लिया।

झुकना नहीं सीखा हालात के डर से
रुकना नहीं सीखा किसी भी असर से।
हम वो हैं जो तूफ़ानों से कह देते हैं —
टकरा ले अगर हिम्मत है, हमारे सफ़र से।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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2 मत डरिए 
चलना है तो राह में पत्थर से मत डरिए
सपनों की खातिर हर तूफ़ाँ से भी लड़िए।
जो ठान लिया दिल ने, उसे सच कर दिखाइए
किस्मत भी झुकेगी — बस हिम्मत तो करिए।

हारें अगर गिरकर तो फिर उठना भी सीखिए
अँधियारे में रहकर उजाला भी रचिए।
मंज़िल खुद आकर कदम चूमेगी एक दिन
बस अपने इरादों को मजबूत रखिए। 

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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3 दीपक
जो जलना पड़े तो दीपक सा जलते रहो
अँधेरों से लड़कर भी आगे बढ़ते रहो।
रुकावट मिले तो उसे सीढ़ी बना लेना
हर ठोकर को हँसकर गले से लगाते रहो।

समय की हथेली पे किस्मत बदलती है
मेहनत की स्याही से तकदीर ढलती है।
जो खुद पे भरोसा रखना सीख गया,
उसके कदमों में एक दिन मंज़िल मचलती है।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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4
मुट्ठी में भर लो तुम हौसलों की उड़ान
सीने में जगा लो सपनों की पहचान।
राहें भले कांटों से भरी क्यों न हों
कदमों में रख दो तुम साहस की जान।

तूफ़ान अगर सामने आकर खड़ा है
मत सोच कि तेरे लिए रास्ता बड़ा है।
जो खुद पे यकीन की मशालें जलाते हैं
किस्मत भी उनके आगे सिर झुकातें हैं।

गिरकर संभलना ही असली जीत है
संघर्ष की मिट्टी से बनती प्रीत है।
जो हार के बाद भी मुस्कुरा दे
उसी की कहानी जग में अतीत है।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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5
खुद को इतना मजबूत बनाना पड़ेगा
हर हाल में आगे ही जाना पड़ेगा।
रुकने से नहीं मिलती मंज़िल कभी भी
गिरकर भी फिर से उठना पड़ेगा।

मेहनत की आग में जो तप जाते हैं
वो पत्थर भी हीरे से चमक जाते हैं।
जो हार को दिल से स्वीकार नहीं करते
वो इतिहास नया खुद ही लिख जाते हैं।

अँधेरों से घबराकर रुकना नहीं है 
मुश्किल से बचकर झुकना नहीं है।
जिसने हौसलों को अपना बना लिया
उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है।
डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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6 सपना
सपनों को पकड़ो, उन्हें छोड़ना मत कभी
हार से डरना नहीं, जीत से मुड़ना मत कभी।
रास्ते चाहे मुश्किल हों या कांटों भरे
दिल की रोशनी को दबाना मत कभी।

जो खुद को आज आज़माते हैं
वो कल अपनी कहानी खुद बनाते हैं।
जो ठोकरों से घबराते नहीं
वो हर मुश्किल को आसान बनाते हैं।

उम्मीद का दीपक हमेशा जलाए रखना
संघर्ष की आग में खुद को तपाए रखना।
जो दिल से कोशिश करता है हर दिन
सफलता जरूर मिलती है उन्हे कदम जमाये रखना

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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7
रुकावटें आएँगी, पर डरना नहीं है
हर मुश्किल को पार करना ही सीखना है।
जो इरादे मजबूत हैं, और दिल में आग है
उनकी राह में कोई भी बाधा नहीं है।

गिरकर संभलना ही असली ताकत है
हर चोट में छुपा एक नया रास्ता है।
जो हार को स्वीकार नहीं करते कभी
उनकी मेहनत हमेशा रंग लाती है।

जो खुद पे भरोसा नहीं रखते हैं
उनकी कहानी हर दिल में नहीं बसती है।
जो आज संघर्ष से डरते हैं 
दुनिया उनके गीत नहीं गाती है।

डॉ चन्द्रपाल राजभर 
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8 चिंगारी 
चिंगारी हूँ मैं, राख नहीं बन सकता
हालात के आगे यूँ ही झुक नहीं सकता।
मेहनत की स्याही से लिखता हूँ तक़दीर
किस्मत के आगे झुक नहीं सकता 

सपनों को आँखों में बसाए रखना
हर दर्द को दिल में सजाए रखना।
जो गिरकर भी उठने का दम रखते हैं
अक्सर वही इतिहास लिखते हैं।

थककर जो बैठ जाए वो मुसाफ़िर कैसा
जो डर से मुड़ जाए वो दिलेर कैसा।
मंज़िल उन्हीं को गले लगाती है
जिनके इरादों हो समंदर जैसा।
डॉ चन्द्रपाल राजभर 


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