Thursday, March 5, 2020

शीर्षक-जीवक्त (पेंटिंग),माध्यम एक्रेलिक कलर,सीरीज चाँद चिंतन

                           जीवत्व, एक्रेलिक पेंटिंग

सीरीज-चांद चिंतन 
कलाकार-चंद्रपाल राजभर 
(वैज्ञानिकवादी सामाजिक कला चिंतक इंडिया) 
शीर्षक -जीवत्व
 माध्यम-एक्रेलिक कलर 
अनुपात- 24*36 
आधार-कैनवस 
सृजित वर्ष- 2013
 रंग संयोजन-सफेद,लाल,ब्लैक
                   जीवक्त- जीव की एक कहानी ही नहीं अपितु जीवन है।यह कलाकृति चांद पर जीवों के अस्तित्व की बात करती है सब जानते हैं कि चांद पर जीवन नहीं है लेकिन कलाकार की तूलिका कहती है कि समय परिवर्तनशील है।समय के साथ प्रकृति परिवर्तन से गैसों के संयोजन से चांद पर जीवों का बीजारोपण होगा।आज नहीं तो कल यह सच साकार होगा।
                वहीं धरती की बात करें तो यह कलाकृति धरती के जीवों के भी अस्तित्व की बात करती है इस कलाकृति में कलाकार या बताना चाहता है कि इस धरा पर जीवन का अस्तित्व कण-कण पर है और हर जीव अपने आप में अद्भुत है जिसका रूप समय दर समय परिवर्तित हो रहा है इस कलाकृति का उद्देश्य यही है कि व्यक्ति को जीवों पर दया करनी चाहिए वरना जिस तरह से मानव वनो जंगलों को काटकर प्रकृति का दोहन कर अपना विकास करने में जुटा है इससे जीवों का अस्तित्व खतरे में तो है ही साथ-साथ सृष्टि की भी शोभा बढ़ाने वाले जीवों का भी अस्तित्व समाप्त हो रहा है ऐसे में मानव प्रजाति को चाहिए कि जीवों पर दया कर उपकार करें।यह कलाकृति लाल,सफेद और ब्लैक रंगों के संयोजन से कैनवस पर बनाई गई है कलाकार ने बड़े ही मार्मिक भाव से इस कलाकृति को सृजित किया है 

                      लेखक 
           आर्टिस्ट चंद्रपाल राजभर 
वैज्ञानिकवादी सामाजिक कला चिंतक इंडिया
Web-www.chandrapal.co.in
Email-chandrapal6790@gmail.com

Monday, February 24, 2020

नई दिशा पत्रिका का भव्य समारोह में हुआ समापन

साथियों आज नई दिशाएं पत्रिका का विमोचन देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक पार्टी के जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा जी,अखिल भारतीय राजभर संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष सिकंदर राजभर जी,अखिल भारतीय राजभर संगठन के जिलाध्यक्ष प्रमोद राजभर जी,अखिल भारतीय राजभर संगठन के महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्षा संध्या राजभर जी,बडे भाई वीरेन्द्र राजभर जी (प्रवक्ता उमरी इण्टर कालेज )संगीता राजभर,हौसला राजभर,सुनील राजभर,राजभर वेलफेयर सोसाइटी के प्रणेता ब्लैक बेल्ट डॉन नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट रविंद्र राजभर जी के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ,कार्यक्रम का प्रभावी संचालन आर्टिस्ट चंद्रपाल राजभर ने किया

Thursday, February 20, 2020

भर (राजभर) लंबित प्रकरण के मामले में जिला स्कूटनी कमेटी ने शासनादेश का पालन करते हुए प्रमाण पत्र जारी करने पर जताई सहमति

भर(राजभर) जाति प्रमाण पत्र मामले में जिला स्कूटनी कमेटी ने शासनादेश का पालन करते हुए जाति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में जताई सहमति


-सुल्तानपुर ,जनपद के तहसील कादीपुर के तहसीलदार श्री हरिश्चन्द्र द्वारा ओ बी सी /विमुक्त जाति की सूची में श्रेणीबद्ध भर/राजभर जाति को शासन की गाइडलाइन के तहत वांछित सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने व प्रामाणिक अभिलेख एवं स्पष्ट शासनादेश होने के बावजूद भी अनैतिक रूप से बिना किसी शिकायत अथवा बिना किसी भी शासन/प्रशासन के आदेश के ही मूल जाति भर Bhar के नाम से जो शासनादेश दिनाँक 17 सितम्बर 1958 के अनुसार तब से जुलाई 2018 तक जो नियमानुसार उ प्र के समस्त जनपदों के अलावा तहसील कादीपुर से जाति प्रमाणपत्र पिछड़ी/विमुक्त जाति का बन रहा था उसे अकारण अचानक अवैधानिक रूप से निरस्त करने लगे,जिससे प्रमाणपत्र के अभाव में लाभान्वित होने से वंचित इस समुदाय के लोगों प्रमुखतः श्री चन्द्रपाल राजभर व राजमणि राजभर ,हरिश्चंद्र राजभर की शिकायत पर सोशल एक्टिविष्ट डॉ पंचम राजभर द्वारा समाजहित में कानूनी संरक्षण हेतु  शासनादेश के अनुपालन में न्यायसंगत कार्यवाही हेतु शासन/प्रशासन में लिखित रूप से शिकायत कर तथ्यात्मक प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप मा उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में शासनादेश सं 685/26-3-2011 दिनाँक 28/02/2011 में निहित प्राविधानित व्यवस्था के तहत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संवैधानिक रूप से (श्रीमती सी इन्दुमती- डी एम) गठित जिला स्तरीय सत्यापन समिति (ए डी एम -एफ आर,एस डी एम सदर,जिला पिछड़ावर्ग कल्याण अधिकारी )में दिनाँक 19 नवंबर 2019 तथा 19 फरवरी 2020को जिला मुख्यालय पर सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति में प्रामाणिक साक्ष्यों सहित सुनवाई हुई जिसमे पूरे प्रकरण में वादी डॉ पंचम राजभर,एवं स्थानीय तहसील के प्रमुख जिम्मेदार श्री चन्द्रपाल राजभर,श्री राजमणि राजभर,श्री छोटेलाल राजभर,श्री रामचन्द्र राजभर,श्री रामदेव राजभर,श्री हरिश्चंद्र राजभर, श्री साहबलाल,श्री मुन्ना,श्री लालजीत,श्री अनिल कुमार,श्री हौसिला,श्री सुरेश कुमार श्री जगदीश,आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ! दिनाँक 19 फरवरी 2020 को डी एम के निर्देश पर सी डी ओ की अध्यक्षता में विकास भवन में अपर जिलाधिकारी वित्त एव राजस्व ,एस डी एम सदर,जिला अर्थ व सांख्यिकी अधिकारी ,जिला पिछड़ावर्ग अधिकारी,जिला सूचनाधिकारी, (पूरी कमेटी ) के समक्ष डॉ पंचम राजभर ने सभी साक्ष्यों के साथ पूरी कमेटी को सन्तुष्ट किया जिसपर समिति द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा शासनादेश का अनुपालन न किया जाना खेदजनक है ! शासनादेश व प्रामाणिक अभिलेखों के तहत भर/राजभर दोनों एक ही जाति- Caste है  तथा शासन के आदेश दिनाँक 15 सितंबर 1997 के तहत मूल जाति भर के राजभर की नियमानुसार नवींन प्रविष्टि की गई है अर्थात भर अथवा राजभर के नाम से जिसका भी आवेदन किया जाय ,उसका परीक्षणोपरांत  सभी सक्षम प्राधिकारियों द्वारा    जाति ओ बी सी /विमुक्त जाति का जाति प्रमाणपत्र प्रत्येक दशा में निर्गत किया जाय ! अंत मे निर्णय के उपरांत अध्यक्षीय उद्बोधन के पश्चात समिति की बैठक समाप्त हुई ! जिला स्तरीय स्कूटनिंग कमेटी के सम्मानित अध्यक्ष सहित समस्त पदाधिकारियों के निष्पक्ष न्यायसंगत कार्यवाही पर डॉ पंचम राजभर सहित स्थानीय स्तर पर  भर/राजभर समुदाय के सामाजिक प्रतिनिधियों ने जिला सत्यापन कमेटी सुल्तानपुर तथा वांछनीय सहयोग प्रदान करने वाले माननीय विधायक श्री सीताराम वर्मा जी,श्री सुखदेव राजभर जी,श्री रामअचल राजभर जी तथा माननीय ब्लॉक प्रमुख अखण्डनगर का सहृदय आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया

Saturday, January 25, 2020

ललित कलाओं में है सुनहरा भविष्य

*ललित कलाओं में है सुनहरा भविष्य* 
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आधुनिक दौर जहां डिजिटल युगीन भारत का निर्माण कर रहा है वहीं ललित कलाएं संपूर्ण विश्व को सुंदर बनाने में महती भूमिका निभा रही हैं संपूर्ण सृष्टि के सृजन का एक अहम आधार कलाएं मानी जाती हैं। यदि कलायें ना हो तो मानव और सृष्टि की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। अब आप समझ ही गए होंगे की कलाओं का दुनिया में और जीवन में कितना बड़ा महत्व है।इसलिए कलाओं में वर्तमान और भविष्य निर्माण के सुनहरे अवसर हैं जिससे देश दुनिया में मोटी रकम कमाने के साथ-साथ नाम भी कमा सकते हैं आज की नई पीढ़ी कुछ नया करने पर भरोसा करती है ऐसे में ललित कलाओं की तरफ  युवाओं का काफी आकर्षण बढ रहा है।वह फैशन डिजाइनिंग की दुनिया में अपना भविष्य संवार रहे हैं चित्रकारिता,स्थापत्य,मूर्ति,संगीत,साहिजत्य काब्य लेखन के साथ-साथ मीडिया फिल्म निर्माण एनिमेशन में पढ़ाई कर कैरियर बना रहे हैं
                             वही कलाओं के क्षेत्र में फाइन आर्ट का क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है ।वहीं अच्छी-अच्छी पेंटिंग्स लाखों करोड़ों रुपए में बिक रही है जिससे कलाकारों को उसका पूरा फायदा भी मिल रहा है तथा 12वीं के बाद रुचिकर छात्र फाइन आर्ट की दुनिया में अपना कैरियर चुन सकते हैं।फाइन आर्ट में डिग्री हासिल करने के बाद आप स्पेशलाइजेशन के बाद छात्र एनिमेशन इंडस्ट्री,विज्ञापन कंपनी,आर्ट स्टूडियो,फैशन डिजाइनिंग,फैशन हाउस,पत्र पत्रिकाएं,स्कल्पचर, टेलीविजन,पब्लिशिंग इंडस्ट्री,ग्राफिक आर्ट,टीचिंग ,फिल्म वा थिएटर प्रोडक्शन,टैक्सटाइल इंडस्ट्री, प्रोफेशनल कंपनी,विजुअल आर्टिस्ट,लेक्चरर ,आर्ट टीचर,कार्टूनिस्ट,प्रोफेसर,आर्ट म्यूजियम,टेक्नीशियन,आर्ट कंजरवेटर्स,आर्ट डायरेक्टर,क्रिएटिव डायरेक्टर,एडवरटाइजिंग एग्जीक्यूटिव,सुपरवाइजर,हेड प्रोजेक्ट ऑफिसर,इलस्ट्रेटर ,एनिमेटर ,ग्राफिक, डिजाइनर,क्रिएटिव मार्केटिंग प्रोफेशन, फ्लैश प्रोग्रामर, 2डी/3डी,आर्टिस्ट,वेब डेवलपर,क्राफ्ट आर्टिस्ट,आदि में कैरियर बनाकर अच्छी खासी रकम कमा सकते हैं
              भारत के कुछ मुख्य संस्थानों से कर सकते हैं फाइन आर्ट में डिग्री एवं डिप्लोमा कोर्स
  बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी वाराणसी
 दिल्ली यूनिवर्सिटी दिल्ली
 कॉलेज ऑफ आर्ट दिल्ली 
जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी नई दिल्ली 
जेएनयू नई दिल्ली 
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी अलीगढ़
 टीजीसी एनीमेशन एंड मल्टीमीडिया दिल्ली
सर जेजे विश्वविद्यालय मुंबई
लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ 
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर
 काशी विद्यापीठ वाराणसी
 अवध विश्वविद्यालय अयोध्या 
पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर आदि संस्थानों से डिग्रियां प्राप्त कर अपना सुनहरा भविष्य बना सकते हैं
                लेखक 
वैज्ञानिकवादी समाजिक कला चिंतक 
आर्टिस्ट चंद्रपाल राजभर उत्तर प्रदेश इंडिया
  bew-www.chandrapal.co.in
Email-chandrapal6790@gmail.com
Mo-9721764379,7678948288
     
at January 24, 2020

Friday, December 13, 2019

भारत की शान चन्द्रपाल राजभर उ प्र इण्डिया

*चेतना  आयल कलर पेंटिंग  देश ही नहीं बल्कि दुनिया की चेतना बढ़ाने में महती भूमिका निभा रही है यह पेंटिंग धरती की तरह  अनगिनत ग्रहों पर  जीवन की तरासती हैं यह वैज्ञानिकों और समाजिक चिंतकों की जागृति और चेतना बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभा रही है पूरा सच जानने के लिए इस वीडियो को अवश्य देखें* 
*और चैनल को लाइक करें सब्सक्राइब करें शेयर करना बिल्कुल ही ना भूलें* 

https://youtu.be/D7s-hlL-02k

Tuesday, March 19, 2019

रंगो से होने वाले नुकसान कृपया ध्यान से पढ़ें सावधानी के साथ खेलें होली




         *होली में रंगों से होने वाले नुकसान
               *सावधानी के साथ खेलें होली*
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                              लेखक
               *भारतीय चित्रकार चंद्रपाल राजभर*
              वैज्ञानिक वादी सामाजिक कला चिंतक
1-हरा रंग कॉपर सल्फेट से बनाया जाता है और इसके आंखों में चले जाने से आंखों में एलर्जी होने लगती है रोशनी जाने के खतरे बने रहते हैं

2-लेड ऑक्साइड से काला रंग बनाया जाता है इस तत्व से किडनी काम करना बंद कर सकती है दिमाग की सीखने की क्षमता प्रभावित होती है

3- लाल रंग मरक्यूरी सल्फेट से बनाया जाता है और इससे त्वचा कैंसर के अलावा लकवा और विष दोष हो सकते हैं

4-क्रोमियम आयोडाइड से बैगनी रंग बनाया जाता है इससे अस्थमा एलर्जी हो सकती है

सिल्वर रंग एलमुनियम ब्रोमाइड जो कि एक कार्सिनोजेनिक होता है कार्सिनोजेनिक को कैंसर पैदा करने वाले तत्व के रूप में जाना जाता है

*रंगों के बगैर होली का त्योहार असंभव है, लेकिन आजकल रंगों में होने वाले केमिकल के इस्तेमाल के चलते आपको कई तरह की स्वास्थ्य और सौंदर्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। जानिए होली के रंग से होने वाले यह 5 नुकसान* -

1 होली में खास तौर से प्रयोग किए जाने वाले गहरे रंग कई तरह के खतरनाक केमिकलयुक्त व ऑक्सीडाइड होते हैं। यह रंग आपके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालते हैं।

2 केमिकल युक्त रंग आपकी त्वचा को तो खराब करेंगे ही, साथ ही जलन, खुजली, सूजन जैसी समस्याओं के जरिए त्वचा की गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं।


3  इन केमि‍कल युक्त रंगों का इस्तेमाल आपको कार्नियल अल्सर, कंजेक्टि‍वाइटि‍स और एलर्जी देने के साथ-साथ आपके आंखों की रौशनी भी छीन सकता है।

4 सिर की त्वचा पर लगने पर यह रंग त्वचा को प्रभावित कर डैंड्रफ जैसी समस्याओं के साथ बालों को कमजोर कर, बाल झड़ने के लिए भी जिम्मेदार हो सकता है।

5 हवा में उड़ते यह रंग आपको सांस संबंधी समस्याएं देकर दमा का मरीज भी बना सकते हैं। अगर आपको पहले से ऐसी कोई समस्या है तो सूखे रंगों का प्रयोग न करें

*भारतीय चित्रकार चंद्रपाल* *राजभर*

Friday, January 19, 2018

झबरू की झूठी शान

                   
                                                                                     Zubaru was the leader of the rooks that roamed the evening.
 Going to the horizon. Know how the paper got stuck in the tail of the zombar. Jabroo Kudada Fada But the past was not such a trap, but when he reached the place, the colleagues asked, how is this papers in Dada tail. Jabaru has offered false positives by giving a proposal to the mustache. Now I can come anywhere. I can do . The cats were blown away. In the night, the cakuro came out to roam the village, surrounded the cairans. Where do you run Jabaru Hafte-Hafte said, it is illiterate that you can not read the permit. It is good to run in such a way. But the cooks surrounded him and scratched him. Such a false pride It is learned from this story that today our country and society are in the grip of fake heroes, such as the survivor of the fake heroes and also saved the society. The writer, scientists, socialist, artistic artist Chandrapal Rajbhar