1
गज़ल
सफर की राह
इस सफर की राह में गर धूप उतर आती
छांव का एक रास्ता बनकर हमें भाती
एक चिंगारी कहीं से आके हमें जलाती
इस दिल के हर दर्द को मिलकर बुझाती
एक वीरान बस्ती में कोई फूल खिलता,
ओर आदमी की पीर भी यहां गुनगुनाती
सर्द रातें जब भी दिल पे असर छोड़ जातीं,
उस सन्नाटे की धुन में कोई वंशी गुनगुनाती
तन्हा खड़े उस पेड़ की शाखें अगर हिलतीं,
कुछ कहने की कोशिश में वो अपने भाव सुनाती
गजल
आर्टिस्ट चन्द्रपाल राजभर
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2
ग़ज़ल:
तेरी राहों का इंतज़ार, अब किस्सा हो गया
वो दर्द जो दिल में था, मेरा हिस्सा हो गया
हर ख़्वाब जो तेरे साथ बुनना चाहा था कभी,
अब वो मेरा ख़्वाब भी, अधूरा हो गया
तू जो कहता था, साथ निभाएगा हमेशा,
अब तेरा हर वादा, वो छलावा हो गया
वो लम्हें जो कभी खास थे हमारे
अब उनकी याद भी धुंधला हो गया
अब इस दिल को कोई शिकवा नहीं तुझसे,
बस तू ही मेरा, फ़साना और अफसाना हो गया
गजल
आर्टिस्ट चन्द्रपाल राजभर
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3
गजल
सफर में मेरी याद तो आयेगी ही
सफर में मेरी याद तो आयेगी ही
तेरी आँखों में बरसात तो आयेगी ही।
छुपा लो ख़ुद को जितना भी चाहोगे तुम
मोहब्बत की वो सौगात तो आयेगी ही।
हजारों ग़मों से भले ही भर लो दिल
ख़ुशी की कोई बात तो आयेगी ही।
जुदाई के मौसम को जी लो तुम चाहे
फिर से मिलने की बात तो आयेगी ही।
तेरी हर राह में मैं हूँ छिपा कहीं
तेरे होठों पे वो बात तो आयेगी ही।
गजल
आर्टिस्ट चन्द्रपाल राजभर
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4
गजल
याद आती है तो खो जाते हैं
जब याद आती है हमारी, तब वो खो जाते हैं
ख़ामोशियों के साये में, वो कहीं खो जाते हैं।
हर एक लम्हा फिर से तड़पाने लगता है
आँखों में अश्क बनकर, लब भी भीग जाते हैं।
हमारा नाम आते ही झुक जाती हैं नज़रें
दिल के किसी कोने में, वो हमें पा जाते हैं।
रातों को जाग कर वो यादें संजोते हैं
बातों के सिलसिले में फिर वो सो जाते हैं।
मिलन की आस भी दिल से मिटा नहीं पाते
हमारे ख्यालों में बस, वो यूँही खो जाते हैं।
गजल
आर्टिस्ट चन्द्रपाल राजभर
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5
गजल
वक्त नहीं भूलेगा
आप भूल गए तो क्या हुआ, वक्त नहीं भूलेगा
दिल के हर ज़ख्म को ये हक़ीक़त नहीं भूलेगा।
वो जो वादे थे किए, याद रहेंगे उम्र भर
चाह कर भी ये मोहब्बत की इबारत नहीं भूलेगा।
खुशबू तेरे एहसास की यूँ महकेगी सदा
गुज़रा हर लम्हा, वो चाहत नहीं भूलेगा।
तू चला गया पर दिल में तस्वीर बसी है
जुड़ा हर लफ्ज़ तेरा, किस्मत नहीं भूलेगा।
कभी जो लौट के आए तो देख लेना तुम
वो गुज़री रात का वो किस्सा नहीं भूलेगा।
गजल
आर्टिस्ट चन्द्रपाल राजभर
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6
गजल
वो चार मेरा बर्बाद कर गये
वो चार साल बर्बाद कर मेरा बेवफा हो गए
मोहब्बत की राहों में वो खता कर गए।
वो बातें, वो वादे सभी टूटते गए
ख्वाबों के फूलों को रुसवा कर गए।
जो चाहा था उनको, वो समझे नहीं
जिंदगी को वीरान वो बना कर गए।
दिल के अरमानों का ये अंजाम है
वो दिल की हर बात भुला कर गए।
कदमों की आहट भी अब खो सी गई
वो मेरी उम्मीदों को मिटा कर गए।
गजल
आर्टिस्ट चन्द्रपाल राजभर
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7
गजल
वो मेरे चार साल लौटा दो मुझे
वो मेरे चार साल लौटा दो मुझे
जो गुज़रे खयाल, लौटा दो मुझे।
वो हंसीं लम्हें, जो खो दिए कहीं
वो सारी मिसाल लौटा दो मुझे।
वो जो किए थे ख्वाब आँखों में कभी
वो टूटी मिशाल लौटा दो मुझे।
वक्त के हाथों जो छीना गया था
वो बीता कमाल लौटा दो मुझे।
मेरी तन्हाई की जो गवाह बनी
वो पहली वो चाल लौटा दो मुझे।
गजल
आर्टिस्ट चन्द्रपाल राजभर
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8
गजल
बोलो क्या लौटा सकते हो मेरे चार साल
वो टूटे हुए ख़्वाब और बिखरे हुए ख़याल।
वो जो चुराए थे तुमने हंसी के पल सभी
क्या दे सकोगे तुम वही बीते हुए हाल?
जिन लम्हों की ख़ुशबू में थी अपनी कहानी
क्या फिर महका सकोगे वो उजड़ा हुआ गुलाल?
वो लम्हे जो तेरी राह में खो गए कहीं
क्या दे सकोगे उनका वही मीठा उबाल?
बोलो, क्या लौटा सकते हो वो खोए हुए दिन
वो जिनमें बसी थी मेरे दिल की हर एक मिसाल।
गजल
आर्टिस्ट चन्द्रपाल राजभर
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