कविता
भारत के वह लोह पुरुष कहलाए गए
भारत के वो लौह पुरुष,कहलाए गए,
देश की मिट्टी-मिट्टी में वो अपनाए गए
टूटे हुए वतन को जो फिर जोड़े गए,
उनका हर फैसला,हौसला बढ़ाए गए।
राज्यों को एक धागे में वै पिरोए गए
एकता की मिसाल भारत में बनाए गए
धर्म-जाति से ऊपर वो जाने गए
भारत के ईमान,जो पहचाने गए।
वो थे वतन के रखवाले, सब जान गए,
सरदार वल्लभ भाई को सब पहचान गए।
हर मुश्किल को वो आसान बनाए गए,
देश की किस्मत को हाथों से सजाए गए।
रचना
आर्टिस्ट चन्द्रपाल राजभर
लेखक-SWA MUMBAI
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